
छोटे बच्चों के माता-पिता के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ी राहत की खबर दी है, अब बच्चों के टीकाकरण (Vaccination) के रिकॉर्ड को सहेजने के लिए पुराने कागजी कार्डों पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं होगी, सरकार ने बच्चों के टीकाकरण रिकॉर्ड को पूरी तरह डिजिटल बनाने के लिए ‘U-WIN’ पोर्टल को ‘डिजिटल आईडी’ और ‘डिजी लॉकर’ (DigiLocker) के साथ एकीकृत करने का फैसला किया है।
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डिजिटल आईडी से सुरक्षित होगा भविष्य
स्वास्थ्य मंत्रालय की इस पहल के तहत, अब बच्चों का पूरा टीकाकरण डेटा माता-पिता की डिजिटल आईडी या बच्चे की विशिष्ट आईडी (जैसे आभा आईडी) से जोड़ा जाएगा, इससे टीकाकरण का पूरा इतिहास एक क्लिक पर उपलब्ध होगा, डिजिलॉकर (DigiLocker) पर सर्टिफिकेट सुरक्षित होने के कारण माता-पिता इसे कहीं भी और कभी भी एक्सेस कर सकेंगे।
U-WIN पोर्टल की अहम भूमिका
कोविड काल में सफल रहे Co-WIN प्लेटफॉर्म की तर्ज पर अब U-WIN पोर्टल को नियमित टीकाकरण के लिए मुख्य केंद्र बनाया गया है। इस पोर्टल के माध्यम से:
- रियल-टाइम अपडेट: बच्चे को टीका लगते ही रिकॉर्ड डिजिटल रूप से अपडेट हो जाएगा।
- स्मार्ट रिमाइंडर: अगले टीके की तारीख नजदीक आने पर माता-पिता को एसएमएस के जरिए अलर्ट भेजा जाएगा, ताकि कोई भी वैक्सीन मिस न हो।
- यूनिवर्सल एक्सेस: स्कूल दाखिले या अन्य कानूनी कार्यों के लिए डिजी लॉकर से डाउनलोड किया गया सर्टिफिकेट हर जगह मान्य होगा।
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माता-पिता को मिलेगी कागजी झंझट से मुक्ति
अक्सर देखा जाता था कि बच्चे के बड़े होने तक टीकाकरण का भौतिक कार्ड फट जाता था या खो जाता था, जिससे बाद में रिकॉर्ड दिखाने में समस्या आती थी, अब डिजिटल आईडी के माध्यम से यह रिकॉर्ड क्लाउड स्टोरेज पर हमेशा के लिए सुरक्षित रहेगा, स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से देश के टीकाकरण कवरेज में सुधार होगा और डेटा की सटीकता भी बढ़ेगी। अभिभावक अब सीधे U-WIN वेबसाइट पर जाकर अपने बच्चे का पंजीकरण कर इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं।
















