
उत्तर प्रदेश में आंगनवाड़ी भर्ती का बड़ा मौका आ गया है! अगर आप महिलाएं लंबे समय से सरकारी नौकरी का इंतजार कर रही हैं, तो ये खबर आपके लिए किसी खुशखबरी से कम नहीं। सरकार ने हाल ही में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका के कुल 69,000 पदों पर भर्ती का ऐलान किया है। इसमें कार्यकर्ताओं के लिए 7,952 पद और सहायिकाओं के लिए 61,254 पद शामिल हैं। ये मौका खासतौर पर उन बहनों के लिए है जो अपने इलाके में बच्चों और महिलाओं की सेवा करना चाहती हैं।
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भर्ती की पूरी प्रक्रिया समझिए
सबसे पहले ये जान लीजिए कि भर्ती कैसे आगे बढ़ेगी। उत्तर प्रदेश बाल विकास एवं पुष्टाहार निदेशालय ने सभी जिलों को साफ निर्देश दिए हैं। हर जिले में जिलाधिकारी की अगुवाई में एक कमिटी बनी है, जो पारदर्शिता से काम करेगी। पहले ये चेक होगा कि आपके जिले में कितने पद खाली हैं। फिर वो डिटेल्स आधिकारिक पोर्टल https://upanganwadibharti.in/ पर अपलोड होंगी। जैसे ही सारी जानकारी जमा हो जाएगी, आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी हो जाएगा और आवेदन शुरू हो जाएंगे। तो देर न करें, तैयार रहें!
आवेदन के लिए जरूरी योग्यताएं
भर्ती में जगह पाने के लिए कुछ बेसिक शर्तें पूरी करनी पड़ेंगी, जो काफी आसान हैं। सबसे पहले, आपकी उम्र 18 से 35 साल के बीच होनी चाहिए। पढ़ाई में कम से कम 12वीं पास होना जरूरी है। सिर्फ उत्तर प्रदेश की रहने वाली महिलाएं ही अप्लाई कर सकती हैं। आप अपने ही ग्राम पंचायत या वार्ड से आवेदन करेंगी, यानी लोकल लेवल पर ही चयन। अगर आप शादीशुदा हैं, तो ससुराल के निवास प्रमाण पत्र से रजिस्ट्रेशन होगा। ये नियम इसलिए हैं ताकि स्थानीय महिलाओं को प्राथमिकता मिले और सेवा प्रभावी हो।
प्राथमिकता किसे मिलेगी?
सरकार ने खास सोच-समझकर प्राथमिकता तय की है। सबसे ऊपर तलाकशुदा, विधवा या परित्यक्ता महिलाओं को रखा गया है। इन बहनों को पहले मौका मिलेगा, क्योंकि ये अक्सर आर्थिक तौर पर कमजोर होती हैं। इसके बाद बाकी योग्य उम्मीदवारों का नंबर। ये कदम न सिर्फ न्यायपूर्ण है, बल्कि समाज के कमजोर वर्ग को मजबूत करने वाला भी। अगर आप इनमें से हैं, तो ये आपका गोल्डन चांस है!
चयन कैसे होगा?
सबसे अच्छी बात ये है कि कोई लिखित परीक्षा या इंटरव्यू नहीं। चयन सिर्फ आपकी पढ़ाई के मार्क्स पर आधारित होगा। इंटरमीडिएट, ग्रेजुएशन या पोस्ट ग्रेजुएशन में जितने ज्यादा नंबर, उतना बेहतर। मौजूदा आंगनवाड़ी सहायिकाओं के लिए तो डायरेक्ट प्रमोशन का रास्ता है। जो सहायिकाएं पिछले 5 साल से ग्रामीण या शहरी वार्ड में लगातार काम कर रही हैं, उन्हें कार्यकर्ता के 50% पदों पर सीधे चुन लिया जाएगा। लेकिन ध्यान दें, अगर परफॉर्मेंस कमजोर रही या 3 महीने से ज्यादा छुट्टी ली हो, तो वो बाहर। ये सिस्टम मेहनती महिलाओं को इनाम देता है।
क्यों है ये भर्ती खास?
आंगनवाड़ी का काम सिर्फ नौकरी नहीं, बल्कि बच्चों की देखभाल, पोषण और माताओं को जागरूक करने का नेक काम है। इन पदों से न सिर्फ रोजगार मिलेगा, बल्कि समाज सेवा का मौका भी। उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में इतने पदों पर भर्ती कम ही देखने को मिलती है। ये महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। सरकार की ये पहल ग्रामीण विकास को नई गति देगी।
तो बहनों, आंखें खुली रखें और पोर्टल चेक करते रहें। योग्यताएं मैच करती हैं तो तैयारी शुरू कर दें। निवास प्रमाण पत्र, मार्कशीट जैसी डॉक्यूमेंट्स तैयार रखें। ये भर्ती आपके जीवन को बदल सकती है। ज्यादा अपडेट्स के लिए ऑफिशियल साइट पर नजर रखें। शुभकामनाएं!
















