
देश में बढ़ते साइबर फ्रॉड और स्पैम कॉल्स पर लगाम लगाने के लिए टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) ने एक ऐतिहासिक फैसला लिया है, अब आपके फोन की घंटी बजते ही आप समझ जाएंगे कि कॉल असली है या कोई जालसाज आपको ठगने की कोशिश कर रहा है, सरकार ने बैंकों और सरकारी संस्थाओं के लिए 160 (या 1600) सीरीज के विशेष नंबर अनिवार्य कर दिए हैं, इस कदम का मुख्य उद्देश्य ग्राहकों को ‘असली’ और ‘नकली’ कॉल के बीच फर्क समझाना है।
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क्या है ‘160’ सीरीज का नया गणित?
अब तक बैंक और सरकारी विभाग सामान्य 10 अंकों वाले मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल करते थे, जिसका फायदा उठाकर ठग भी ‘बैंक अधिकारी’ बनकर लोगों को शिकार बनाते थे, नए नियम के तहत:
- सरकारी संस्थाएं: केंद्र और राज्य सरकार की कॉल्स अब 1600 सीरीज से शुरू होंगी ।
- बैंकिंग और वित्तीय संस्थान: RBI, SEBI और IRDAI द्वारा विनियमित बैंक और बीमा कंपनियों को 1601 सीरीज आवंटित की गई है ।
- लेनदेन और सेवा कॉल: आपके OTP, ट्रांजेक्शन अलर्ट या जरूरी बैंक अपडेट्स अब इसी नई सीरीज से आएंगे।
स्पैम और धोखाधड़ी पर ‘डबल लॉक’
TRAI ने साफ किया है कि प्रमोशन और मार्केटिंग कॉल्स (जैसे लोन के ऑफर) के लिए अभी भी 140 सीरीज का ही इस्तेमाल होगा, अगर आपको बैंक के नाम पर किसी आम 10 अंकों वाले नंबर से कॉल आता है, तो वह अवैध माना जाएगा, विभाग ने आदेश दिया है कि जो संस्थाएं इन नियमों का पालन नहीं करेंगी, उनके नंबर तत्काल प्रभाव से ब्लॉक कर दिए जाएंगे।
कब से लागू होगा नियम?
TRAI ने सभी बड़े सरकारी और निजी बैंकों के लिए 1 जनवरी 2026 की समयसीमा तय की है, वहीं, म्यूचुअल फंड, स्टॉकब्रोकर और अन्य छोटे वित्तीय संस्थानों को मार्च 2026 तक इस व्यवस्था में पूरी तरह शिफ्ट होना होगा।
















