भारतीय रिजर्व बैंक ने बैंकिंग सिस्टम को और मजबूत बनाने के लिए साल 2026 में कुछ सख्त बदलाव किए हैं। इनके चलते लाखों लोगों के पुराने या निष्क्रिय बैंक खाते खतरे में हैं। अगर समय रहते कार्रवाई नहीं की, तो अकाउंट बंद होने का जोखिम बढ़ जाता है।

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कौन-कौन से अकाउंट्स खतरे में हैं?
सबसे पहले बात निष्क्रिय खातों की। ये वो खाते होते हैं जहां पिछले 12 महीनों से कोई लेन-देन नहीं हुआ। ऐसे अकाउंट्स पर बैंकों को नजर रखनी पड़ती है, क्योंकि इन्हें फ्रॉड में इस्तेमाल होने का डर रहता है। दूसरा प्रकार है डॉर्मेंट अकाउंट, यानी दो साल या उससे ज्यादा समय तक जमा-निकासी न होने वाले खाते। तीसरा है जीरो बैलेंस वाला अकाउंट, जो लंबे वक्त तक खाली पड़ा रहता है और केवाईसी पूरा नहीं होता। ये तीनों श्रेणियां अब RBI के रडार पर हैं।
RBI ने क्यों लगाए ये कड़े पहिए?
बैंकिंग क्षेत्र में धोखाधड़ी और साइबर क्राइम के बढ़ते मामलों को रोकने के मकसद से ये कदम उठाए गए हैं। निष्क्रिय खाते अक्सर गलत हाथों में पड़ जाते हैं, जिससे लोगों को नुकसान होता है। RBI चाहता है कि हर खाता सक्रिय रहे और ग्राहक अपनी जानकारी अपडेट रखें। 1 जनवरी 2026 से ये नियम पूरी तरह लागू हो चुके हैं, जिससे सिस्टम ज्यादा सुरक्षित और कुशल बनेगा।
अकाउंट बंद होने से क्या नुकसान?
अगर खाता बंद हो गया, तो सबसे पहले बचे हुए पैसे निकालना मुश्किल हो जाएगा। लोन, क्रेडिट कार्ड या अन्य बैंकिंग सुविधाएं रुक सकती हैं। पुराना खाता दोबारा चालू करवाने में हफ्तों या महीनों लग सकते हैं। परिवार के सभी सदस्यों के खाते प्रभावित हो सकते हैं, इसलिए जल्दी जांच जरूरी है।
बचने के सरल तरीके क्या हैं?
नजदीकी बैंक शाखा में जाकर तुरंत केवाईसी अपडेट करवाएं। आधार, पैन या वोटर आईडी जैसे दस्तावेज साथ ले जाएं। खाते को एक्टिव रखने के लिए हर कुछ महीनों में छोटा ट्रांजेक्शन करें, जैसे 100 रुपये जमा करना। मोबाइल ऐप या नेट बैंकिंग से ई-केवाईसी भी आसानी से हो जाता है। न्यूनतम बैलेंस बनाए रखें और नियमित स्टेटमेंट चेक करें।
समय रहते एक्शन लें
ये बदलाव ग्राहकों की सुरक्षा के लिए हैं, लेकिन लापरवाही महंगी पड़ सकती है। आज ही अपने सभी बैंक खातों की स्थिति जांचें। ऑनलाइन पोर्टल पर लॉगिन करके स्टेटस देख सकते हैं। अगर कोई खाता इन श्रेणियों में आता है, तो कल को टालें नहीं – ब्रांच विजिट करें। सुरक्षित बैंकिंग के लिए सक्रिय रहना ही एकमात्र उपाय है।
















