बरेली जिले से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना को झकझोरने वाली खबर सामने आई है। यहां 5684 ऐसे अपात्र किसान लाभार्थी सामने आए, जो कई साल पहले गुजर चुके थे, लेकिन उनके पुराने बैंक खातों में सालाना 6000 रुपये की तीनों किस्तें नियमित रूप से गिरती रहीं। जिला प्रशासन ने डिजिटल जांच के बाद इन फर्जी नामों पर सख्ती दिखाई और अब वारिसों, खासकर बेटों को पूरी रकम समेत ब्याज लौटाने का फरमान जारी कर दिया। इससे सरकारी खजाने को करोड़ों रुपये का नुकसान होने से बचाव होगा।

यह मामला तब पकड़ में आया जब आधार लिंकिंग और बायोमेट्रिक सत्यापन के दौरान रिकॉर्ड्स की गहन छानबीन हुई। प्रशासन ने पाया कि मृत्यु प्रमाण-पत्रों का अपडेट न होने से ये नाम लिस्ट में बने रहे। अब सभी प्रभावित खातों से रिकवरी प्रक्रिया तेजी से चल रही है।
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अपात्रों की लिस्ट में कौन-कौन शामिल?
पूरे जिले में 5684 नाम ऐसे मिले जहां किसान की मृत्यु के बावजूद किस्तें ट्रांसफर होती रहीं। बेटे, पोते या अन्य उत्तराधिकारी अब मुख्य जिम्मेदार माने जा रहे, जिन्हें 3-5 साल की कुल राशि लौटानी पड़ेगी। अनुमान के मुताबिक 20 से 25 करोड़ रुपये की राशि वसूल की जानी है, जो अगले कुछ महीनों में पूरी होगी।
प्रशासन ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि लापरवाही या जानबूझकर छिपाने पर कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है। योजना के तहत देश के 11 करोड़ से अधिक छोटे व सीमांत किसानों को हर साल 6000 रुपये मिलते हैं, लेकिन ऐसी गड़बड़ियों से असली जरूरतमंदों का हक छिन रहा था।
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प्रशासन की सख्ती से क्या बदलेगा?
जिला मजिस्ट्रेट ने तत्काल प्रभाव से कई कदम उठाए हैं। सबसे पहले सभी ग्राम पंचायतों को मासिक अपडेट अनिवार्य किया गया है। इसके अलावा:
- ई-केवाईसी अनिवार्य: हर किसान को समय-समय पर जीवित प्रमाण देना होगा।
- रियल-टाइम डैशबोर्ड: pmkisan.gov.in पर स्वयं स्टेटस चेक करने की सुविधा।
- हेल्पलाइन सक्रिय: 1800-11-5526 पर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि फर्जीवाड़ा रोका जा सके।
इस कार्रवाई से बरेली के सैकड़ों वास्तविक किसानों को योजना का पूरा लाभ मिल सकेगा। सरकार अब पूरे उत्तर प्रदेश में ऐसी जांच तेज करने की तैयारी में है।
असली किसानों के लिए महत्वपूर्ण टिप्स
- तुरंत चेक करें: अपनी डिटेल्स pmkisan.gov.in पर अपलोड कर लें।
- अपडेट रखें: मृत्यु या अन्य बदलाव की सूचना तुरंत दें।
- जागरूक रहें: फर्जी एजेंटों से सावधान, सीधे पोर्टल इस्तेमाल करें।
यह घटना PM-KISAN जैसी कल्याणकारी योजना की मजबूती को दर्शाती है। बरेली प्रशासन की इस पहल से अन्य जिलों को भी सबक मिलेगा। अब असली किसानों तक लाभ पहुंचाने का रास्ता साफ हो गया है। कुल मिलाकर, यह कार्रवाई न केवल धन की बचत करेगी, बल्कि योजना की विश्वसनीयता को भी बढ़ाएगी। छोटे किसान अब बेफिक्र रहें, उनका हक सुरक्षित है!
















