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यहां 8 लाख लोगों के राशन कार्ड हुए रद्द, लेकिन हजारों जरूरतमंदों के लिए आई राहत की खबर

सालाना 1.20 लाख तक कमाने वाले अब राशन पाएं, लेकिन मकान-कार वालों को झटका! नई जांच में 8 लाख फर्जी नाम हटे, 11 लाख इंतजार में। आवेदन कैसे करें?

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दिल्ली में राशन कार्ड की नई नीति से लाखों परिवारों को मिलेगी राहत। सरकार ने सालाना पारिवारिक आय की सीमा बढ़ाकर 1.20 लाख रुपये कर दी है। इससे पहले यह सीमा 1 लाख रुपये तक सीमित थी, जिसके कारण कई जरूरतमंद परिवार बाहर रह जाते थे। यह कदम खाद्य सुरक्षा को और समावेशी बनाने की दिशा में बड़ा प्रयास है।

यहां 8 लाख लोगों के राशन कार्ड हुए रद्द, लेकिन हजारों जरूरतमंदों के लिए आई राहत की खबर

आय सीमा बढ़ने से व्यापक कवरेज

अब मध्यम आय वाले परिवार भी राशन कार्ड बनवा सकेंगे। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कैबिनेट बैठक में इस फैसले को हरी झंडी दी। उन्होंने जोर देकर कहा कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए यह जरूरी था। पुरानी व्यवस्था में ‘पहले आए, पहले पाओ’ का नियम था, जो अब समाप्त हो गया। इसके बजाय जिला स्तर पर प्राथमिकता तय की जाएगी। हर जिले में एक विशेष समिति गठित होगी, जिसकी अध्यक्षता जिला मजिस्ट्रेट या अपर जिलाधिकारी करेंगे। इसमें स्थानीय विधायक और संबंधित अधिकारी भी शामिल होंगे।

यह समिति आवेदनों की जांच करेगी, स्वीकृति देगी और जरूरत के आधार पर सूची तैयार करेगी। साथ ही, 20 प्रतिशत वेटिंग लिस्ट भी बनेगी ताकि खाली पड़ी जगहें तुरंत भरी जा सकें। राशन कार्ड बनवाने के लिए राजस्व विभाग से जारी आय प्रमाण पत्र अनिवार्य होगा। इससे फर्जीवाड़े पर लगाम लगेगी।

सिस्टम की सफाई से खुलीं लाखों जगहें

सरकार ने खाद्य सुरक्षा डेटाबेस की गहन जांच की, जिसमें कई अनियमितताएं सामने आईं। करीब 6.46 लाख लाभार्थियों की आय संबंधी जानकारी गलत पाई गई। 23,394 नाम दोबारा दर्ज थे। 6,185 मामलों में मृत व्यक्तियों के नाम पर लाभ चल रहा था। लगभग 95,682 लोग सिस्टम में थे लेकिन सालों से कोई लाभ नहीं ले रहे थे। इसके अलावा, 56,372 लोगों ने खुद ही नाम हटाने का अनुरोध किया। कुल मिलाकर 8.27 लाख से अधिक जगहें खाली हो गईं। इन रिक्तियों को अब नए पात्र परिवार भरेंगे, जिससे इंतजार की कतार कम होगी।

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नए नियम, संपन्न परिवार बाहर

पात्रता के सख्त मानदंड बनाए गए हैं ताकि वास्तविक जरूरतमंदों को प्राथमिकता मिले। दिल्ली की A से E श्रेणी की कॉलोनियों में मकान वाले परिवार अपात्र होंगे। आयकर भरने वाले, चार पहिया वाहन (व्यावसायिक वाहन को छोड़कर) रखने वाले, सरकारी नौकरी में लगे सदस्य वाले परिवार या जिनके घर में 2 किलोवाट से अधिक बिजली कनेक्शन हो, वे राशन कार्ड के हकदार नहीं माने जाएंगे। ये नियम पारदर्शिता बढ़ाएंगे और संसाधनों का सही उपयोग सुनिश्चित करेंगे।

लंबित आवेदनों पर पारदर्शी समाधान

दिल्ली में पिछले नौ सालों से 3.89 लाख आवेदन लंबे समय से अटके हैं। करीब 11.65 लाख लोग खाद्य सुरक्षा का इंतजार कर रहे थे। अब रिक्त स्थानों पर जरूरतमंदों को प्राथमिकता से लाभ मिलेगा। जिला समितियां समयबद्ध तरीके से काम करेंगी।

कांग्रेस ने इस प्रक्रिया को जटिल बताते हुए आपत्ति जताई। पार्टी अध्यक्ष देवेंद्र यादव का कहना है कि राशन जैसी बुनियादी सुविधा हर विधानसभा स्तर पर आसानी से उपलब्ध होनी चाहिए। फिर भी, सरकार का दावा है कि यह व्यवस्था ज्यादा न्यायपूर्ण होगी।

यह नई योजना दिल्ली के गरीब और मध्यम वर्ग के लिए वरदान साबित हो सकती है। पारदर्शिता और जांच से विश्वास बढ़ेगा। जल्द ही आवेदन प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है। परिवारों को सलाह है कि आय प्रमाण पत्र तैयार रखें और स्थानीय कार्यालय से संपर्क करें। 

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info@stjohnscoeasptkmm.in

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