
भारत सरकार ने आगामी जनगणना (Census) को लेकर अपनी प्रशासनिक तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है, गृह मंत्रालय द्वारा जारी नए नोटिफिकेशन के अनुसार, जनगणना के पहले चरण यानी ‘मकान सूचीकरण और आवास गणना’ (Houselisting & Housing Census) के दौरान पूछे जाने वाले सवालों की संख्या में बदलाव किया गया है। अब गणना कर्मियों द्वारा नागरिकों से कुल 34 सवाल पूछे जाएंगे।
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पूरी तरह डिजिटल होगी प्रक्रिया
देश के इतिहास में यह पहली बार होगा जब जनगणना की प्रक्रिया पूरी तरह से डिजिटल माध्यम से संपन्न होगी, डेटा एकत्र करने के लिए एक विशेष मोबाइल ऐप का उपयोग किया जाएगा, इसके साथ ही, आम नागरिकों को ‘सेल्फ-इन्यूमरेशन’ (स्वयं गणना) की सुविधा भी दी जाएगी, जिससे वे खुद पोर्टल पर जाकर अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे।
इन मुख्य बिंदुओं पर आधारित होंगे सवाल
नोटिफिकेशन के मुताबिक, जनगणना के पहले चरण में मुख्य रूप से परिवार की बुनियादी सुविधाओं और आवास की स्थिति पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा, इसमें निम्नलिखित विवरण शामिल होंगे:
- घर का नंबर, फर्श, दीवार और छत में इस्तेमाल की गई सामग्री।
- परिवार के मुखिया का नाम, लिंग और उनकी सामाजिक श्रेणी (SC/ST)।
- घर में पीने के पानी का स्रोत, बिजली का कनेक्शन, शौचालय की उपलब्धता और जल निकासी की व्यवस्था।
- क्या परिवार के पास रेडियो, टीवी, लैपटॉप, इंटरनेट, मोबाइल फोन, साइकिल या कार जैसे साधन मौजूद हैं।
- परिवार के बैंक खाते की जानकारी और खाना पकाने के लिए उपयोग किए जाने वाले ईंधन (LPG/PNG आदि) का प्रकार।
- इस बार सूची में ‘मुख्य अनाज’ (Main Cereal) का एक नया सवाल जोड़ा गया है, ताकि खान-पान के उपभोग के पैटर्न को समझा जा सके।
विकास योजनाओं के लिए डेटा होगा महत्वपूर्ण
सरकार का मानना है कि इस विस्तृत डेटाबेस से भविष्य की कल्याणकारी योजनाओं को बेहतर ढंग से लागू करने में मदद मिलेगी, इस प्रक्रिया से देश के प्रत्येक परिवार के जीवन स्तर का सटीक आकलन किया जा सकेगा, नागरिक इस प्रक्रिया से संबंधित अधिक विवरण और आधिकारिक अपडेट के लिए भारतीय जनगणना (Census India) की वेबसाइट पर जा सकते हैं।
















