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Bihar Land Registry 2026: जमीन रजिस्ट्री का नया नियम लागू! अब 72 घंटे में पक्की होगी रजिस्ट्री, बिचौलियों का खेल खत्म

बिहार में नया नियम लागू! जमीन रजिस्ट्री अब सिर्फ 72 घंटे में पक्की। बिचौलियों का खेल खत्म, सीधे ऑनलाइन प्रक्रिया से लाखों किसानों को राहत। क्या आपकी प्रॉपर्टी रजिस्ट्री लटकी है? जल्दी चेक करें!

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बिहार सरकार ने संपत्ति रिकॉर्डिंग को पूरी तरह बदलने का फैसला लिया है। 2026 से लागू हो रहे इन नियमों से रजिस्ट्री का काम महज 72 घंटे में निपटेगा। पहले जहां लंबी कतारें और महीनों का इंतजार आम था, अब डिजिटल प्लेटफॉर्म सब कुछ आसान बना देगा। यह कदम लाखों किसानों, छोटे मकान मालिकों और शहरवासियों के लिए वरदान साबित होगा। बिचौलियों की मनमानी खत्म होने से भ्रष्टाचार पर भी लगाम लगेगी।

Bihar Land Registry 2026: जमीन रजिस्ट्री का नया नियम लागू! अब 72 घंटे में पक्की होगी रजिस्ट्री, बिचौलियों का खेल खत्म

क्यों है यह बदलाव गेम-चेंजर?

नया सिस्टम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ब्लॉकचेन जैसी कटिंग-एज तकनीकों पर टिका है। इससे प्रक्रिया न सिर्फ तेज होगी, बल्कि सुरक्षित भी। मुख्य फायदे इस प्रकार हैं:

  • दस्तावेज जमा करने के 72 घंटे के अंदर डिजिटल सर्टिफिकेट आपके हाथ में।
  • हर स्टेप ऑनलाइन ट्रैकेबल, कोई छिपा हुआ खेल नहीं।
  • स्टांप ड्यूटी और अन्य फीस में 20-30% की छूट, पेपरलेस मोड से।
  • स्मार्टफोन ऐप से अपॉइंटमेंट, वेरीफिकेशन और स्टेटस चेक।

ये बदलाव भूमि सुधार विभाग के नए पोर्टल पर आधारित हैं, जो पूरे राज्य में एकसमान लागू होंगे। ग्रामीण इलाकों में जहां 80% आबादी जमीन से जुड़ी है, वहां यह सुविधा विवादों को जड़ से खत्म कर देगी। छोटे किसान जो पहले एजेंटों के जाल में फंसते थे, अब सीधे सरकार से जुड़ सकेंगे।

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घर बैठे रजिस्ट्री करें?

यह सिस्टम यूजर-फ्रेंडली डिजाइन किया गया है। कोई टेक्निकल नॉलेज की जरूरत नहीं। फॉलो करें ये सरल चरण:

  1. अकाउंट सेटअप: सरकारी लैंड रजिस्ट्री पोर्टल पर मोबाइल नंबर और आधार से रजिस्टर करें।
  2. दस्तावेज जमा: जमीन के मालिकाना हक के कागजात, NOC और पहचान पत्र स्कैन अपलोड करें।
  3. स्लॉट बुकिंग: नजदीकी रजिस्ट्री सर्कल में उपलब्ध 72 घंटे का समय चुनें।
  4. वीडियो वेरीफिकेशन: लाइव वीडियो कॉल से अधिकारी दस्तावेज जांचेंगे।
  5. फाइनल पेमेंट: UPI या नेट बैंकिंग से भुगतान करें, ई-सर्टिफिकेट तुरंत डाउनलोड।

अगर कहीं अटकाव हो, तो टोल-फ्री हेल्पलाइन पर कॉल करें। सिस्टम हिंदी और स्थानीय भाषाओं में उपलब्ध होगा।

किसानों और आम लोगों को कैसे फायदा?

बिहार के 38 जिलों में जमीन विवाद एक बड़ी समस्या हैं। यह नया नियम फर्जी दस्तावेजों को रोकेगा और रिकॉर्ड को ब्लॉकचेन से अमिट बना देगा। छोटे जोत वाले किसानों को बिना ब्रोकर के बिक्री आसान हो जाएगी। शहरों में फ्लैट या प्लॉट खरीदने वालों को भी समय और पैसे की बचत होगी। कुल मिलाकर, यह डिजिटल इंडिया का बिहार मॉडल बनेगा।

भविष्य की झलक और सलाह

2026 तक सभी सुविधाएं पूरी तरह ऑनलाइन हो जाएंगी। राज्य सरकार ट्रेनिंग कैंप भी लगाएगी। अगर आपके पास पुरानी रजिस्ट्री है, तो जल्दी अपडेट करवाएं। यह बदलाव न सिर्फ आर्थिक मजबूती देगा, बल्कि सामाजिक न्याय भी सुनिश्चित करेगा। बिहार अब डिजिटल भूमि प्रबंधन में अग्रणी राज्य बनेगा।

Bihar Land Registry 2026
Author
info@stjohnscoeasptkmm.in

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