
ई-कॉमर्स दिग्गज अमेज़न (Amazon) ने एक बार फिर अपने कॉर्पोरेट कार्यबल में बड़ी कटौती के संकेत दिए हैं, ताजा रिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनी साल 2026 की पहली छमाही तक लगभग 14,000 कॉर्पोरेट पदों को खत्म करने की योजना बना रही है, इस फैसले ने वैश्विक टेक जगत में हलचल पैदा कर दी है।
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ब्यूरोक्रेसी खत्म करना मुख्य लक्ष्य: एंडी जेसी
अमेज़न के सीईओ एंडी जेसी (Andy Jassy) ने इस छंटनी के पीछे एक चौंकाने वाली वजह बताई है, जेसी के अनुसार, कंपनी के भीतर “ब्यूरोक्रेसी” (लालफीताशाही) बढ़ गई है, जिससे निर्णय लेने की प्रक्रिया धीमी हो रही है, इस पुनर्गठन का मुख्य उद्देश्य ‘मैनेजर-टू-इंडिविजुअल कॉन्ट्रिब्यूटर’ अनुपात को ठीक करना है, सरल शब्दों में, कंपनी अब प्रबंधकों (Managers) की संख्या कम कर जमीनी स्तर पर काम करने वाले कर्मचारियों की संख्या बढ़ाना चाहती है ताकि स्टार्टअप जैसी फुर्ती वापस लाई जा सके।
अरबों डॉलर की होगी बचत
बाजार विशेषज्ञों और वित्तीय विश्लेषकों का मानना है कि इस रणनीतिक बदलाव से अमेज़न को भारी वित्तीय लाभ होगा,अनुमान है कि 14,000 पदों की कटौती से कंपनी को सालाना $2.1 बिलियन से $3.6 बिलियन की भारी बचत हो सकती है, कंपनी इस राशि का उपयोग अपनी परिचालन दक्षता और नई तकनीकों पर निवेश करने के लिए कर सकती है।
वर्क फ्रॉम होम पर भी लगाम
नौकरी में कटौती के साथ-साथ, अमेज़न ने अपनी कार्य संस्कृति में भी कड़े बदलाव किए हैं। सीईओ ने स्पष्ट कर दिया है कि कर्मचारियों को सप्ताह में 5 दिन ऑफिस आना अनिवार्य होगा। कंपनी का मानना है कि “डे 1” (Day 1) संस्कृति को बनाए रखने के लिए टीम का एक साथ ऑफिस में मौजूद रहना आवश्यक है।
मार्च 2026 तक पूरी होगी प्रक्रिया
अमेज़न ने इस नई संगठनात्मक संरचना को लागू करने के लिए मार्च 2026 की समय सीमा तय की है, इसका मतलब है कि अगले कुछ महीनों में विभिन्न विभागों में तैनात प्रबंधकों की भूमिकाओं की समीक्षा की जाएगी और छंटनी की प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से पूरी होगी, टेक सेक्टर में अमेजन का यह कदम अन्य कंपनियों के लिए भी एक संकेत माना जा रहा है कि अब ध्यान विस्तार से हटकर ‘प्रॉफिटेबिलिटी’ और ‘एफिशिएंसी’ पर केंद्रित हो गया है।
















