
भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने आधार वेरिफिकेशन की प्रक्रिया को और अधिक सरल और सुलभ बनाते हुए ‘फेस ऑथेंटिकेशन’ (Face Authentication) तकनीक को पूरी तरह से लागू कर दिया है, अब सरकारी योजनाओं और अन्य सेवाओं का लाभ उठाने के लिए उंगलियों के निशान (Fingerprint) या आंखों की पुतली (Iris) के स्कैन की अनिवार्यता खत्म हो जाएगी, आपका चेहरा ही सत्यापन के लिए पर्याप्त होगा।
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कैसे काम करेगी यह नई व्यवस्था?
इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए यूजर्स को गूगल प्ले स्टोर से AadhaarFaceRD App डाउनलोड करना होगा। यह ऐप किसी भी सामान्य स्मार्टफोन के कैमरे को एक सुरक्षित ऑथेंटिकेशन डिवाइस में बदल देता है। इसमें सुरक्षा का कड़ा ध्यान रखा गया है और यह ‘लिवनेस चेक’ के जरिए सुनिश्चित करता है कि सामने कोई वास्तविक व्यक्ति है, न कि कोई फोटो या वीडियो।
इन सेवाओं में मिलेगी बड़ी राहत
- अब घर बैठे Jeevan Pramaan Portal के जरिए डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट जमा किया जा सकेगा।
- राशन वितरण (PDS), आयुष्मान भारत और किसान कल्याण योजनाओं में अब बिना किसी बाधा के वेरिफिकेशन होगा।
- आधार की नई सेवाओं के माध्यम से अब फेस ऑथेंटिकेशन का उपयोग करके मोबाइल नंबर लिंक करना भी संभव हो गया है।
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सफलतापूर्वक वेरिफिकेशन के लिए टिप्स
फेस स्कैन करते समय चेहरा सीधा रखें और पर्याप्त रोशनी वाले स्थान पर रहें, साथ ही, बैकग्राउंड का साफ होना अनिवार्य है, आधार की इस पहल से अब बायोमेट्रिक मशीन पर बार-बार उंगली लगाने की झंझट से मुक्ति मिलेगी और पूरी प्रक्रिया पूरी तरह से कॉन्टैक्टलेस होगी।
















