
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के करोड़ों सब्सक्राइबर्स के लिए एक महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है, अक्सर नौकरी बदलने या छोड़ने के बाद कर्मचारियों के मन में यह सवाल रहता है कि क्या उनके पीएफ (PF) खाते में जमा रकम पर ब्याज मिलता रहेगा या नहीं? अगर आप भी अपनी जमा पूंजी निकालने की योजना बना रहे हैं, तो ईपीएफओ के इन ताजा नियमों को जानना आपके लिए बेहद जरूरी है।
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नौकरी छोड़ने के बाद भी जारी रहेगा ब्याज
ईपीएफओ के मौजूदा नियमों के मुताबिक, अगर कोई कर्मचारी नौकरी छोड़ देता है, तब भी उसके पीएफ खाते में जमा राशि पर ब्याज मिलना बंद नहीं होता है। आपका फंड ईपीएफओ के पास सुरक्षित रहता है और उस पर सालाना घोषित ब्याज दर के हिसाब से रिटर्न मिलता रहता है। हालांकि, इसकी कुछ समय सीमा और शर्तें तय की गई हैं।
कब ‘इनऑपरेटिव’ हो जाता है खाता?
नियमों के अनुसार, यदि किसी पीएफ खाते में लगातार 36 महीनों (3 साल) तक कोई नया योगदान (Contribution) जमा नहीं होता है, तो उसे ‘इनऑपरेटिव’ (Inoperative) यानी निष्क्रिय श्रेणी में डाल दिया जाता है। लेकिन ध्यान देने वाली बात यह है कि 55 वर्ष की आयु होने तक खाते के निष्क्रिय होने के बावजूद ब्याज मिलना जारी रहता है। एक बार जब सदस्य 58 वर्ष की आयु पूरी कर लेता है, तब खाता पूरी तरह निष्क्रिय माना जाता है और उस पर ब्याज मिलना बंद हो जाता है।
टैक्स का नया पेंच: सावधानी है जरूरी
भले ही नौकरी छोड़ने के बाद आपको ब्याज मिलता रहे, लेकिन टैक्स के मोर्चे पर आपको नुकसान हो सकता है, नौकरी में रहते हुए पीएफ पर मिलने वाला ब्याज एक सीमा तक टैक्स-फ्री होता है,, लेकिन नौकरी छोड़ने के बाद, उस अवधि के दौरान मिलने वाले ब्याज को सदस्य की ‘अन्य स्रोतों से आय’ माना जाता है और उस पर इनकम टैक्स स्लैब के अनुसार कर (Tax) देना पड़ता है।
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विशेषज्ञों की राय: क्या करें कर्मचारी?
वित्तीय जानकारों का कहना है कि यदि आप नई नौकरी शुरू कर रहे हैं, तो पुराने पीएफ बैलेंस को EPFO सदस्य पोर्टल के जरिए नई कंपनी के खाते में ट्रांसफर करना सबसे बेहतर विकल्प है। इससे आपकी सर्विस की निरंतरता बनी रहती है और टैक्स का बोझ भी नहीं पड़ता। वहीं, अगर आप लंबे समय तक बेरोजगार हैं, तो फंड निकालने से पहले टैक्स देनदारी की गणना जरूर कर लें।
अधिक जानकारी और क्लेम स्टेटस चेक करने के लिए आप EPFO की आधिकारिक वेबसाइट पर लॉग-इन कर सकते हैं।
















