
उत्तर प्रदेश में आज एक अभूतपूर्व सुरक्षा अभ्यास की तैयारी पूरी कर ली गई है, यूपी स्थापना दिवस और नेताजी सुभाष चंद्र बोस जयंती के उपलक्ष्य में प्रशासन ने पूरे राज्य में ‘ब्लैकआउट मॉक ड्रिल’ (Blackout Mock Drill) आयोजित करने का निर्णय लिया है, इस दौरान प्रदेश के सभी 75 जिलों में एक साथ बिजली सप्लाई रोकी जाएगी और सायरन बजाकर आपातकालीन स्थिति का अभ्यास किया जाएगा।
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सायरन बजते ही थम जाएगा प्रदेश
प्रशासनिक योजना के अनुसार, जैसे ही सायरन की आवाज गूंजेगी, पूरे प्रदेश की रफ्तार रुक जाएगी, इस ड्रिल का मुख्य उद्देश्य किसी भी संभावित हवाई हमले या आपातकालीन स्थिति के दौरान नागरिकों और सुरक्षा एजेंसियों की तैयारी को परखना है, अधिकारियों का कहना है कि सायरन बजते ही सड़कों पर वाहनों की आवाजाही रोक दी जाएगी और कुछ समय के लिए सार्वजनिक जीवन पूरी तरह ‘ब्लैकआउट’ मोड में रहेगा।
सिविल डिफेंस और पब्लिक की तैयारी की परीक्षा
इस मेगा ड्रिल के जरिए नागरिक सुरक्षा (Civil Defense) विभाग और आम जनता को जागरूक करने का लक्ष्य रखा गया है, उत्तर प्रदेश सरकार इस अभ्यास के माध्यम से यह सुनिश्चित करना चाहती है कि यदि भविष्य में कभी वास्तविक आपात स्थिति आती है, तो बिना अफरा-तफरी के स्थिति को कैसे नियंत्रित किया जाए।
प्रशासन का मुख्य प्लान
- बिजली कटौती: राज्य के सभी 75 जिलों में पूर्व निर्धारित समय के लिए बिजली आपूर्ति पूरी तरह बंद रहेगी।
- ट्रैफिक पर रोक: सायरन बजते ही जहाँ-तहाँ वाहनों को रोकने के निर्देश दिए गए हैं।
- सुरक्षा का जायजा: इस दौरान पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारी मुस्तैद रहेंगे ताकि ड्रिल के दौरान किसी को असुविधा न हो।
नागरिकों से अपील
प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे इस मॉक ड्रिल से घबराएं नहीं और सायरन बजते ही प्रशासन के निर्देशों का पालन करें, यह अभ्यास केवल सुरक्षा तैयारियों को मजबूत करने के लिए किया जा रहा है, बिजली कटौती और ड्रिल के सटीक समय की जानकारी के लिए नागरिक अपने जिले के स्थानीय प्रशासन के अपडेट्स देख सकते हैं या UPPCL की वेबसाइट पर लॉगिन कर सकते हैं।
















