डिजिटल पेमेंट्स आज हर भारतीय के जीवन का हिस्सा बन चुके हैं। Google Pay और PhonePe जैसे ऐप्स से रोजाना लाखों ट्रांजेक्शन होते हैं, लेकिन कभी-कभी पैसे कट जाते हैं और मेरचेंट तक नहीं पहुंचते। ऐसे में नया नियम आ गया है – अगर बैंक समय पर रिफंड न दे, तो हर दिन 100 रुपये का हर्जाना मिलेगा। मोबाइल में बस RBI का एक स्क्रीनशॉट रखें, और समस्या हल।

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फेल ट्रांजेक्शन की परेशानी क्यों?
UPI ऐप्स में ट्रांजेक्शन फेल होने पर अक्सर पैसे अकाउंट से कट जाते हैं, लेकिन वापसी में देरी हो जाती है। पहले यूजर्स को बार-बार शिकायत करनी पड़ती थी, और रिफंड आने में हफ्तों लग जाते थे। अब सेंट्रल बैंक ने साफ नियम बना दिया है। ट्रांजेक्शन वाले दिन के बाद अगले बिजनेस डे तक पैसा वापस न आने पर बैंक जिम्मेदार होगा। यह बदलाव डिजिटल इंडिया को मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। लाखों यूजर्स को इससे तुरंत राहत मिलेगी।
हर्जाने का नियम कैसे लागू होता है?
मान लीजिए आपने 500 रुपये का पेमेंट किया, लेकिन दुकानदार को पैसा नहीं मिला। आपका अकाउंट डेबिट हो गया, लेकिन रिफंड T+1 यानी नेक्स्ट बिजनेस डे तक न आए। पहले दिन से ही बैंक को 100 रुपये अतिरिक्त देने पड़ेंगे। दूसरा दिन बीता, तो 200 रुपये। यह तब तक चलेगा जब तक पूरा पैसा प्लस हर्जाना आपके खाते में न आ जाए। छोटे-छोटे ट्रांजेक्शन में भी यह नियम लागू है। इससे बैंक और ऐप्स अब फटाफट रिफंड प्रोसेस करेंगे। यूजर्स को इंतजार की घड़ी खत्म।
RBI स्क्रीनशॉट क्यों जरूरी है?
RBI की वेबसाइट या CMS पोर्टल से संबंधित नियमों का स्क्रीनशॉट मोबाइल में सेव रखें। शिकायत के समय यह आपका सबसे मजबूत सबूत बनेगा। यह दिखाएगा कि आप नियमों से वाकिफ हैं। बैंक वाले बहाने नहीं बना पाएंगे। स्क्रीनशॉट में हर्जाने की धारा और समयसीमा क्लियर दिखेगी। हर UPI यूजर को अभी डाउनलोड कर लेना चाहिए। यह छोटा सा स्टेप आपकी जेब बचाएगा।
शिकायत दर्ज करने का आसान तरीका
सबसे पहले अपने ऐप में ट्रांजेक्शन हिस्ट्री खोलें। फेल पेमेंट पर ‘रिपोर्ट प्रॉब्लम’ या ‘डिस्प्यूट’ चुनें। डिटेल्स भरें और स्क्रीनशॉट अटैच करें। 24 घंटे में जवाब न आए, तो बैंक कस्टमर केयर पर कॉल करें। फिर भी न सुधरे, तो RBI के CMS पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत करें। फॉर्म भरते समय ट्रांजेक्शन आईडी, अमाउंट और हर्जाने की मांग लिखें। प्रक्रिया 7-10 दिनों में पूरी हो जाती है। हमेशा रिकॉर्ड रखें।
अन्य सावधानियां और फायदे
ऐप्स में ऑटोपे मंडेट चेक करते रहें, वरना अनचाहे कटौती हो सकती है। फेल ट्रांजेक्शन के तुरंत बाद ऐप सपोर्ट से बात करें। यह नियम न सिर्फ रिफंड तेज करेगा, बल्कि पेमेंट सिस्टम को पारदर्शी बनाएगा। छोटे व्यापारियों से लेकर बड़े शॉपर्स तक सभी को फायदा। डिजिटल ट्रांजेक्शन बढ़ाने में मदद मिलेगी। कुल मिलाकर, यह सुविधा आपके पैसे की सुरक्षा का नया ढांचा है। अब बेफिक्र UPI यूज करें।
















