सुजलॉन एनर्जी लिमिटेड के शेयर हाल के दिनों में लगातार दबाव में नजर आ रहे हैं। मंगलवार को कारोबार के दौरान यह 2% से अधिक गिरकर 47.44 रुपये के स्तर पर पहुंच गया। सोमवार को भी 1% की कमजोरी के साथ 47.94 रुपये पर बंद हुआ था। 52-सप्ताह के हाई 74.30 रुपये से यह करीब 37% नीचे ट्रेड कर रहा है, जबकि लो 46 रुपये रहा। बाजार पूंजीकरण लगभग 36,162 करोड़ रुपये के आसपास बना हुआ है।

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ब्रोकरेज रिपोर्ट्स में बाय सिग्नल, 54% उछाल की उम्मीद
बाजार विश्लेषकों की नजर सुजलॉन पर बनी हुई है। प्रमुख ब्रोकरेज ने स्टॉक पर बाय सिफारिश जारी रखी है और 74 रुपये का लक्ष्य मूल्य तय किया है। वर्तमान दामों से यह 54% की संभावित तेजी का इशारा करता है। हालिया चिंताओं जैसे विंड पावर में सोलर की तुलना में कम हिस्सेदारी और बढ़ती प्रतिस्पर्धा को शेयर मूल्य में पहले ही प्रतिबिंबित मान लिया गया है। टीटीएम पी/ई अनुपात 23.66 है, जो सेक्टर औसत 39.83 से आकर्षक लगता है। 2025 में कंपनी का शुद्ध लाभ 7,924 करोड़ रुपये रहा, जो मजबूत आधार दर्शाता है।
EPC रणनीति से मिलेगा बड़ा फायदा
सुजलॉन अपनी इंजीनियरिंग, खरीद और निर्माण (EPC) क्षमताओं पर जोर दे रही है। ऑर्डर बुक में EPC की हिस्सेदारी को 50% तक ले जाने का लक्ष्य है, जो जटिल प्रोजेक्ट्स में बढ़त दिलाएगा। कंपनी का कार्यान्वयन रिकॉर्ड बेहतरीन है और चीनी प्रतिस्पर्धियों की कमी इसे फायदा पहुंचा रही है। डेटा सेंटर्स, वाणिज्यिक-औद्योगिक ग्राहक और सरकारी निकाय 2030 तक 20-24 गीगावॉट अतिरिक्त विंड मांग उत्पन्न कर सकते हैं। यह भारत के 100 गीगावॉट नवीकरणीय लक्ष्य से अलग होगी।
भविष्य की ग्रोथ: 10 GW क्षमता का प्लान
ग्रुप के एग्जीक्यूटिव वाइस चेयरमैन ने आशादायी आउटलुक पेश किया है। अगले दो सालों में 10 गीगावॉट उत्पादन क्षमता पार हो जाएगी, जो 2030 तक 13-15 गीगावॉट तक पहुंच सकती है। वार्षिक विनिर्माण क्षमता 20 गीगावॉट है और निर्यात आदेश विकास का प्रमुख इंजन बनेंगे। वर्तमान में सभी प्रमुख विश्लेषक बाय रेटिंग पर सहमत हैं, जो स्टॉक को मजबूत स्थिति में रखता है। 40 गीगावॉट लंबित प्रोजेक्ट्स में विंड की हिस्सेदारी कम है, लेकिन मांग बढ़ने की पूरी संभावना है।
निवेशकों के लिए क्या मतलब?
रिन्यूएबल एनर्जी क्षेत्र में सुजलॉन एक प्रमुख खिलाड़ी है। गिरते दामों के बावजूद फंडामेंटल्स ठोस हैं और लंबी अवधि के अवसर दिख रहे हैं। डिविडेंड यील्ड शून्य होने के बावजूद विकास क्षमता निवेशकों को लुभा सकती है। डी/ई अनुपात कमजोर है, लेकिन प्रॉफिट ग्रोथ इसे संतुलित करती है। क्या यह स्टॉक आपके पोर्टफोलियो में जगह बना सकता है? बाजार की चाल पर नजर रखें।
















