सरकार ने आम परिवारों की भोजन और रसोई गैस जरूरतों को सुरक्षित बनाने के लिए राशन कार्ड व गैस सिलेंडर से जुड़े चार बड़े बदलाव कर दिए हैं। ये कदम धोखाधड़ी रोकने और वास्तविक जरूरतमंदों तक मदद पहुंचाने पर केंद्रित हैं। लाखों घरों में ये नियम सीधे असर डालेंगे, इसलिए तुरंत ध्यान दें।

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ये 4 नए नियम होंगे लागू!
पहला बदलाव: ई-केवाईसी अब जरूरी
हर राशन कार्ड पर परिवार के सभी सदस्यों का आधार आधारित ई-केवाईसी पूरा करना अनिवार्य हो गया है। बिना इस सत्यापन के दुकानों पर राशन मिलना बंद हो सकता है। कई जगहों पर बायोमेट्रिक जांच भी जोड़ी गई है ताकि नाममात्र के कार्डधारक पकड़े जाएं।
दूसरा बदलाव: गैस सब्सिडी पर सख्ती
एलपीजी कनेक्शन पर सब्सिडी जारी रखने के लिए आधार को बैंक खाते से जोड़ना पड़ रहा है। सालाना एक बार यह प्रक्रिया दोहरानी होगी, वरना सब्सिडी रुक जाएगी और सिलेंडर पूर्ण दाम पर खरीदना पड़ेगा। इससे डुप्लीकेट कनेक्शन धारकों पर लगाम लगेगी।
तीसरा बदलाव: वितरण में डिजिटल सत्यापन
राशन लेने या गैस डिलीवरी के दौरान मोबाइल पर आने वाला ओटीपी चेक किया जाएगा। आधार कार्ड दिखाना भी हर बार जरूरी ठहराया गया है। यह तरीका सुनिश्चित करेगा कि सामान सही हाथों में पहुंचे और कालाबाजारी थमे।
चौथा बदलाव: निष्क्रिय कार्ड पर कार्रवाई
पिछले छह महीने से राशन न लेने वाले कार्डों को निष्क्रिय करने की प्रक्रिया तेज हो गई है। डुप्लीकेट या अमान्य कार्डों की जांच में मोबाइल नंबर लिंकिंग भी शामिल है। नए गरीब परिवारों को जगह मिलेगी, इसलिए पुराने धारकों को सतर्क रहना होगा।
इन नियमों का असर और लाभ
ये बदलाव पारदर्शिता लाएंगे, जिससे फर्जी लाभार्थी बाहर होंगे। राशन कोटा भी कार्ड प्रकार के आधार पर समायोजित हो सकता है, जैसे बीपीएल परिवारों को अधिक अनाज। गैस उपभोक्ताओं को मासिक मूल्य स्थिरता का फायदा मिलेगा। कुल मिलाकर, सिस्टम मजबूत बनेगा।
तुरंत क्या करें?
नजदीकी राशन दुकान या गैस एजेंसी पर जाकर ई-केवाईसी करवाएं। ऑनलाइन पोर्टल nfsa.gov.in या pmuy.gov.in पर खुद अपडेट करें। मोबाइल नंबर व बैंक विवरण सही रखें। हेल्पलाइन 1967 या 1800-266-6696 पर संपर्क करें। विलंब से सुविधा रुकने से बचें।
















