PPF यानी पब्लिक प्रोविडेंट फंड, एक ऐसा निवेश विकल्प है जो सरकारी गारंटी के साथ टैक्स-फ्री रिटर्न देता है। कई लोग इसे सिर्फ बचत का साधन मानते हैं, लेकिन सही रणनीति से यह लंबे समय में करोड़ों का फंड तैयार कर सकता है। कंपाउंडिंग की ताकत, कम ब्याज पर लोन और कानूनी सुरक्षा जैसी खूबियां इसे खास बनाती हैं। आइए जानें कैसे आप इसका पूरा लाभ उठा सकते हैं।

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सही समय पर निवेश करें
निवेश का समय PPF में बहुत मायने रखता है। हर महीने की 5 तारीख से महीने के अंत तक के न्यूनतम बैलेंस पर ब्याज गणना होती है। अगर आप 5 तारीख के बाद पैसा डालते हैं, तो उस महीने का ब्याज हाथ से निकल जाता है।
- महीने की शुरुआत में 1 से 5 तारीख के बीच जमा करें।
- सालाना निवेश को अप्रैल के पहले हफ्ते में पूरा करें।
इस छोटे बदलाव से सालाना हजारों रुपये का अतिरिक्त ब्याज मिल सकता है, जो लंबे समय में बड़ा अंतर पैदा करता है।
जरूरत पर लोन सुविधा
PPF अकाउंट खुलने के तीसरे साल से आप अपने बैलेंस पर कम ब्याज वाला लोन ले सकते हैं। यह सुविधा छठे साल तक उपलब्ध रहती है। ब्याज दर PPF के मौजूदा ब्याज से महज 1% अधिक होती है। पर्सनल लोन या क्रेडिट कार्ड के चक्कर में पड़ने से बेहतर, यह विकल्प तुरंत राहत देता है। समय पर चुकाने से आपका मुख्य निवेश सुरक्षित रहता है।
कानूनी सुरक्षा, आपका पैसा हमेशा सुरक्षित
कठिन समय में PPF आपका सबसे मजबूत कवच साबित होता है। कर्ज वसूली, दिवालिया प्रक्रिया या कोर्ट केस में भी सामान्यतः इस फंड पर हाथ नहीं डाला जा सकता। यह सुरक्षा अन्य निवेश जैसे म्यूचुअल फंड या FD में दुर्लभ है। इसलिए इसे इमरजेंसी फंड के रूप में इस्तेमाल करें।
15 साल बाद बढ़ाएं
PPF की न्यूनतम अवधि 15 साल है, लेकिन मैच्योरिटी के बाद इसे 5-5 साल के ब्लॉक में अनिश्चित काल तक बढ़ाया जा सकता है। लंबे समय तक जारी रखने पर कंपाउंडिंग चमत्कार दिखाती है। रिटायरमेंट प्लानिंग के लिए आदर्श, यह 25-30 सालों में विशाल राशि बना देता है।
बच्चों के लिए प्लान
छोटे बच्चों के नाम पर PPF खाता खोलें। गार्डियन के रूप में निवेश करें, जो उनके बड़े होने पर पढ़ाई या बिजनेस के काम आएगा। EEE स्टेटस के कारण निवेश, ब्याज और मैच्योरिटी सभी टैक्स-मुक्त रहते हैं। धारा 80C से 1.5 लाख तक की छूट भी मिलती है। नॉमिनी जोड़ना न भूलें।
















