फसल बर्बाद हो गई तो घबराएं नहीं! पीएम फसल बीमा योजना 2026 के जरिए आसान ऑनलाइन क्लेम भरें और मुआवजा सीधे बैंक खाते में पाएं। यह योजना किसानों को प्राकृतिक आपदाओं, कीटों या बीमारियों से होने वाले नुकसान से बचाने के लिए बनी है, जहां केवल न्यूनतम प्रीमियम देकर भारी सुरक्षा मिलती है। रबी फसलों के लिए अभी समय है, तो देर न करें।

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योजना का लाभ समझें
पीएम फसल बीमा योजना किसानों की कमाई को मजबूत बनाती है। बाढ़, सूखा, ओलावृष्टि या जानवरों के हमले जैसी विपत्तियों में फसल का मूल्यांकन कर मुआवजा दिया जाता है। छोटे किसान भी इसमें शामिल हो सकते हैं, क्योंकि प्रीमियम सिर्फ 2 प्रतिशत तक होता है और बाकी सरकार वहन करती है। यह सुविधा पूरे देश के अधिसूचित क्षेत्रों में उपलब्ध है।
क्लेम से पहले तैयारी करें
नुकसान दिखते ही 72 घंटों के अंदर स्थानीय कृषि अधिकारी या बीमा प्रतिनिधि को सूचना दें। फसल की फोटो, भूमि दस्तावेज, आधार कार्ड और बैंक पासबुक जैसी चीजें इकट्ठा कर लें। खेत का सर्वेक्षण जल्दी करवाएं, ताकि नुकसान का सही आकलन हो सके। इससे क्लेम प्रक्रिया सुगम रहती है।
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चरणबद्ध तरीके से ऑनलाइन क्लेम भरें
सबसे पहले आधिकारिक पोर्टल पर जाएं और किसान कोना चुनें। नया खाता बनाएं या पुराने से लॉगिन करें, जहां मोबाइल नंबर और ओटीपी से सत्यापन होता है। नुकसान का विवरण भरें, फोटो अपलोड करें और फॉर्म सबमिट करें। प्रीव्यू जरूर देखें ताकि कोई गलती न रहे। पोर्टल पर स्टेटस चेक करने की सुविधा भी है।
मुआवजा कब और कैसे मिलेगा
सर्वेक्षण के बाद 15-30 दिनों में क्लेम का फैसला होता है। स्वीकृति मिलने पर डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर से राशि खाते में आ जाती है, जो आमतौर पर 60 दिनों के अंदर पूरी हो जाती है। देरी होने पर ब्याज भी मिल सकता है। अधिकतर मामलों में 80 प्रतिशत तक राशि जल्दी जारी हो जाती है।
सफल क्लेम के लिए टिप्स
सीएससी केंद्र या बैंक शाखा से मदद लें अगर इंटरनेट की दिक्कत हो। टोल-फ्री नंबर पर कॉल कर अपडेट लें। समय पर बीमा करवाएं और नियमित स्टेटस ट्रैक करें। यह योजना न सिर्फ नुकसान भरपाई करती है, बल्कि अगली फसल के लिए आत्मविश्वास भी देती है। छोटे-बड़े सभी किसान इसका फायदा उठा सकते हैं।
















